दिवाली क्यों  मनाई जाती है, इसे मानाने के तरीके, लाभ, हानि, तथ्य तथा अन्य

दिवाली क्यों मनाई जाती है, इसे मानाने के तरीके, लाभ, हानि, तथ्य तथा अन्य 

दिवाली एक ऐसा त्यौहार है जिसमे  हिंदुओं , जैनियों , सिखों सभी के द्वारा मनाया जाता है ये त्यौहार हर साल अक्टूबर से नवंबर के बीच में आता है हिन्दू के अन्य त्यौहार की तुलना में दिवाली को सबसे जय्दा मह्त्वपूण माना जाता है और इस दिन को अंधेरे पर प्रकाश की जीत का प्रतीक कहा जाता है |

Astrological Significance Of Diwali - The 5 Day Long Festival Of Lights - Truthstar
स्रोत : ट्रुथस्तर

दिवाली क्यों  मनाई जाती है ?

1. ऐसा माना जाता है की जब भगवन श्री राम जी 14 साल का वनवास पूरा करने के बाद वो अपने नगर अयोध्या आ रहे थे तभी उनके स्वागत के लिए अयोध्या के वासियों ने अपने घरो की सफाई की और पुरे गाँव को दिए जला के उजागर करके उनका स्वागत किया। 

2. दूसरा कहानी यहाँ है की जब भगवन श्री विष्णु जी ने नरसिंह रूप लेकर राक्षस नरकासुर को मार(वध) कर लोगो को इन भय से मुक्त कर दिया था तभी विष्णु जी को सुकिर्या करने के लिए प्रजा ने  दीप जलाकर दिवाली मनाई 

3. एक  कथा ये भी है की जब सतयुग में समुद्र मंथन के समय दूध के सागर में अचानक माता लक्ष्मी जी प्रकट हो गयी थी और साथ ही धन्वंतरि और कुबेर जी भी प्रकट हो गए थे तब लोगो ने उनकी प्रसंसा  में दीप जलाकर खुशिया मनाई। 

4. एक कथा के अनुसार जब माता लक्ष्मी जी का क्रोध काम नहीं हो रहा था तब भगवन शिव जी खुद उनके चरणों में लेट गए थे। इन्ही के कारण इनका क्रोध शांत हो पाया था  तभी से इनके शांत रूप लक्ष्मी जी की पूजा की जाने लगी 

दीपावली मानाने के तरीके?

जैसा की आप सभी जानते है की दिवाली के दिन सभी बच्चे पटाके जलाते है जिससे हवा में काफी प्रदूष्ण फ़ैल जाता है और फिर हमे सास लेने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है और एक नयी बीमारी का जन्म हो जाता है अगर दिवाली को बिना पटाके जलाये मनाया जाये तो इससे हमारा वातावरण काफी अच्छा होगा और हवा में प्रदूष्ण भी नहीं फैलेगा। 

दिवाली के दिन छोटे बच्चे अपने माता पिता से काफी ज़िद करते है है की उन्हें नए नए कपड़े पहनना कुछ बच्चे ऐसे भी ज़िद करते है की उन्हें बहुत सरे पटाके जलने है क्योकि इसके बिना तो दिवाली का मजा ही नहीं आता इसलिए अपने बच्चो थोड़े पटाके दिला दे और उन्हें ये सलाह दे की वो जयदा पटाके न जलाये।

घरो की सफाई करे:- लोग दिवाली के दिन अपने घरो की साफ़ सफाई काफी अच्छे से करते है यदि घरो की सफाई अच्छे से नहीं करोगे तो आपके घर लक्ष्मी जी नहीं आएंगे।

नए कपडे पहने:- दिवाली से कुछ दिन पहले सभी को शोपिंग करनी चाहिए और उन्हें अपने लिए अच्छे और नए कपडे खरीदने चाहिए क्योकि हम दिवाली के दिन लक्ष्मी जी और गणेश भगवन जी की पूजा करते है।

पठाखे जलाये:- दिवाली से पहले सभी के माता पिता उन्हें पटाखे जलाने के लिए उन्हें पटाखे खरीद के देते है फिर उनके बच्चे शाम को नाहा धोके नए कपड़े पहनने के बाद पटाखे जलाते है। 

लक्ष्मी जी की पूजा:- दिवाली के दिन सभी लोग अपने घर की साफ़ सफाई करते है और अपने घरो को काफी अच्छी तरह से सजाते है फिर शाम को सब लोग अपने घरो में घी के दीये जलाते है फिर उसके बाद नए कपडे पहनते है। फिर अपने पुरे परिवार के साथ मिलकर लक्ष्मी जी की आरती करते है। 

दीपावली के लाभ:-

1. दिवाली एक ऐसा त्यौहार है जिसका सभी को बेसब्री से इंतजार रहता है क्योकि दिवाली के समय चाहें छोटा हो या बड़ा सभी के लिए इस समय पैसे कमाने का मौका मिलता है 

2. दिवाली के समय हर कोई अपने लिए नए कपड़े, गहने और अन्य चीजें खरीदता है और साथ ही लोगों के व्यापार में लाभ होता है क्योंकि लोग नई चीजें खरीदते हैं।

3. जब भी दिवाली आती है उसी के बहाने लोग अपने घरो के साफ सफाई भी कर लेते है और अपने घरो को तरह तरह से रंग देते है।

दीपावली के हानि:- 

1. दिवाली की दिन सभी लोग काफी सारे पटाखे जलाते है जिससे हमारे आस पास के वातावरण मे प्रदूषण फ़ैल जाता है 

2. इस दिन करोड़ो  लोगो के घरो में तेल, घी के दिए जलाये जाते है जिससे इनकी बर्बादी होती है 

3. इस दिन सभी लोगो के घरो में अनेक प्रकार की मिठाई आती है और जो भी मेहमान अपने रिस्तेदार के घर जाते है तो वो भी मिठाई ले जाते है। और ये मिठाई मिलावटी होती है जिससे हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है |

4. दिवाली में सभी लोगो के घरो में लड़ी तथा सजावटी समान से सजाते है जिसके करण फालतू की ऊर्जा खपत होती है। 

दिवाली तथ्य:-

1. दिवाली भारतीय के लिए रौशनी का त्यौहार है ये एक ऐसा पर्व है जिसके पीछे काफी कहानिया है क्योकि इस पर्व को अलग अलग धर्म के लोग बड़े धूम धाम से मानते है। 

2. वैसे देखा जाये तो  दिवाली हिंदुओ  त्यौहार है लेकिन इसे जैन धर्म और सिख सभी लोगो द्वारा मनाया जाता है। 

3. हर दिवाली कार्तिक महीने के 15 दिन मनाई जाती है और हर साल ईस्टर के अनुसार इसकी तारीख बदल जाती है द फैक्ट लाइफ की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल 2020  में दिवाली 14  नवंबर को मनाई गयी थी। 

4. ग्लोबल इन्वेस्टर्स के अनुसार सबसे जय्दा सोना दिवाली के समय ख़रीदा  जाता है क्योकि इस त्यौहार को लोग धन का प्रतीक मानते है। 

5. दिवाली को अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। जैसे-

इस दिन पश्चिम बंगाल में इसे काली पूजा के रूप में मनाया जाता है। 

दिवाली को नेपाल में सब तिहार अथवा स्वांती से सब जानते है। 

अश्वयुजा के दिनों मलेशिया में दिवाली को हरि दिवाली के रूप में जाना जाता है। 

थाईलैंड में इस दिन पटाखे नहीं जलाये जाते है बल्कि दिवाली में लोग माटी के दीये की जगह केले के पत्तों से दीये बना के जलाये जाते है और यहाँ इसे लाम क्रियाघ कहा जाता है 

निष्कर्ष:- 

मुझे आशा है की आपको ऊपर दिए गए लेख से ये पता चल गया होगा की अच्छी तरह से दिवाली कैसे मानते है और इस दिन हमे क्या क्या करना होता है। अगर आपके मन में अभी भी कोई प्रश्न है तो आप निचे कमेंट बॉक्स में अपने प्रश्न को लिख सकते है।


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