Ch-1 | सौरमंडल में पृथ्वी | NCERT 6th Class

Ch-1 | सौरमंडल में पृथ्वी | NCERT 6th Class

Ch-1 | सौरमंडल में पृथ्वी | NCERT 6th Class
Ch-1 | सौरमंडल में पृथ्वी | NCERT 6th Class

6th कक्षा की NCERT की किताब भूगोल का पहला अध्याय (first chapter) सौरमंडल में पृथ्वी का पूरा सारांश यहां पर दिया गया है| यह सामग्री इस तरीके से तैयार किया गया है की विद्यार्थी को किताब की पूरी जानकारी यह पर मिल जाये| यह जानकारी आप सभी विद्यार्थियों के लिए लाभदायक होगी क्योंकि यह ना सिर्फ स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों के लिए बल्कि कॉन्पिटिशन वाले के लिए भी बनाई गई है ताकि वह एक बार Quick Revision कर सकें यह जानकारी आपके एग्जाम में भी बहुत ज्यादा लाभदायक सिद्ध होगी| क्योंकि यहां पर आपको कम समय में किताब की सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को दिखाया गया है जो कि आपके एग्जाम में अक्सर पूछे जाती है| हमें आशा है की सौरमंडल में पृथ्वी की पूरी जानकारी आपको मिल जाएगी|

Ch-1 | सौरमंडल में पृथ्वी | NCERT 6th Class

नील आर्मस्ट्रांग चांद पर रखने वाले पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने सन 20 जुलाई 1959 को पृथ्वी के उपग्रह चंद्रमा पर पहली बार कदम रखा था|

रात्रि के समय चमकने वाले वह सभी चांद, तारे और अन्य खगोलीय पिंड कहलाते हैं|

चांद पृथ्वी का चक्कर लगाता है अपनी धुरी पर चांद हमेशा चक्कर लगाते रहता है जिस दिन चांद पूर्ण रूप से हमें दिखता है उसे पूर्णिमा कहते हैं और जिस दिन चांद बिल्कुल कम दिखता है उसे अमावस्य  कहते हैं|

अमावस्या और पूर्णिमा के बीच लगभग 15 दिनों का समय होता है|

ऐसे खगोलीय पिंड जिनका खुद का प्रकाश होता है और जो तरल और गैस पदार्थ से बने होते हैं| तथा रात्रि को जो हमें दिखाई देते हैं तारा कहलाते हैं| सूरज, चांद यह सभी एक प्रकार से तारा ही है|

यदि हम रात्रि के समय तारों को देखें तो यह एक प्रकार की आकृति बनाते हैं जिनको नक्षत्र मंडल कहते हैं|

ऐसे तारा जो उत्तर दिशा की ओर संकेत देता हो और रात्रि में हमें दिशा का ज्ञान भी देता हो ऐसे तारीख को ध्रुव तारा कहते हैं|

सौरमंडल के केंद्र में सूर्य है जिसके चारों तरफ अन्य ग्रह चक्कर लगाते रहते हैं| ऐसे पिंड जो सूर्य के चारों तरफ चक्कर लगाते रहते हैं उनको ग्रह कहते हैं| ग्रह का अपना खुद का प्रकाश नहीं होता यह अन्य ग्रह से प्रकाश लेते हैं|

सूर्य से सबसे नजदीकी ग्रह बुध है और उसके बाद शुक्र ग्रह,  पृथ्वी ग्रह , मंगल,  बृहस्पति ग्रह, शनि ग्रह, यूरेनस ग्रह, और नेपच्यून ग्रह हैं|

सूरज का चक्कर लगाने वाले पिंड को ग्रह कहते हैं जबकी ग्रह का चक्कर लगाने वाले पिंड को उपग्रह कहते हैं|

हमारे पृथ्वी के अपने भी दो प्रकार के उपग्रह हैं जैसे एक प्राकृतिक जिसको चांद (Moon) के नाम से पुकारा जाता है जबकि दूसरा कृत्रिम जिसको हमारे वैज्ञानिक अंतरिक्ष में छोड़ देते हैं ताकि वह हमारी पृथ्वी का हाल हमें समय-समय पर देते रहे|

सूरज, ग्रह, उपग्रह तथा अन्य उल्कापिंड मिलकर इसका निर्माण सौरमंडल करते हैं|

सूर्या (Sun)

  • सूर्या अपने बल के द्वारा ही अन्य ग्रहों को अपनी और बांधे रहता है जिससे कि वह ग्रह अपने कक्ष पर ही अपनी दूरी पर रहकर सूर्य का परिक्रमा करते रहें तथा वह अपनी धुरी पर भी चक्कर लगाते रहे|
  • सूर्य का अपना खुद का प्रकाश होता है| सूर्य का सबसे नजदीकी ग्रह बुध है जबकि सबसे दूर वाला ग्रह नेपच्यून है|
  • सूर्य पृथ्वी से लगभग 15 करोड किलोमीटर दूर है| तथा सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर पहुंचने में लगभग 8 मिनट का समय लग जाता है|
  • सौरमंडल को प्रकाशमान करने वाला एकमात्र सूरज ही है जिसकी रोशनी का हम सभी उपयोग करते हैं|
  • सूर्या हमारे शरीर को विटामिन डी भी पहुंचाता है|
  • सौर ऊर्जा का निर्माण सूर्य की वजह से ही होता है तथा जिससे एक प्रकार की बिजली बनाई जाती है|

सौरमंडल में आठ ग्रह हैं

वर्तमान में हमारे सौरमंडल में आठ ग्रह हैं जो क्रमश इस प्रकार हैं बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस, and नेप्चून है|

सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह और सूर्य का सबसे नजदीकी ग्रह बुध ग्रह हैं| बुध ग्रह एकलौता ऐसा कर रहे हैं जो सबसे पहले सूर्य की परिक्रमा जो कि लगभग 88 दिन में पूरी कर लेता है|||

शुक्र को पृथ्वी का जुड़वा ग्रह कहा जाता है|

सभी आठों ग्रहों में पृथ्वी इकलौती ऐसी ग्रह है जिस पर जीवन संभव है इस पर जीवित रहने के लिए वायु में ऑक्सीजन तथा पानी मौजूद है जो कि जीवन को जीने के लिए संभव  बनाती है|

सभी ग्रह एक निश्चित दूरी पर रहकर ही सूर्य का चक्कर लगाते हैं और यह  दीर्घ वृत्ताकार में फैले हुए हैं जिसको कक्षा कहते हैं||

Note: अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संगठन ने अगस्त 2006 को प्लूटो को ग्रह की श्रेणी से बाहर कर दिया और उसको बौने ग्रह की श्रेणी में शामिल कर दिया है|

प्रकाश की गति लगभग 3,00,000 किलो मीटर पर सेकंड है| इसके बावजूद देश सूर्य का प्रकाश पृथ्वी तक पहुंचने में 8 मिनट का समय लगता है| सूर्य की पृथ्वी से दूरी लगभग 15 करोड़ किलोमीटर है|

पृथ्वी सूर्य से दूरी के मुकाबले में तीसरा गिरे और साइज के मुकाबले में  पांचवा ग्रह है|

पृथ्वी को यदि अंतरिक्ष से देखा जाए तो यह नीली दिखती है जिसका मुख्य वजह  पृथ्वी में मौजूद दो तिहाई पानी है|

तारा, ग्रह तथा  उपग्रह के अलावा अन्य पिंड भी सूर्य का चक्कर लगाते हैं| इन पिंड को खगोलीय पिंड कहते हैं|

आसमान में मौजूद सफेद पट्टी जो लाखों तारे का समूह होती है इसको आकाशगंगा कहते हैं|

नोट: हमारा सौरमंडल आकाशगंगा का एक भाग है| आकाशगंगा लाखों-करोड़ों तारों का समूह है इस प्रकार आकाशगंगा ब्रह्मांड का एक भाग है||इस प्रकार सौरमंडल आकाशगंगा का एक भाग है जबकि आकाशगंगा ब्रह्मांड का एक भाग||||

अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

  • ग्रह एक निश्चित दूरी पर रहकर सूर्य का चक्कर लगाते रहते हैं जबकि तारे बहुत दूर  मौजूद है|
  • ग्रह का अपना खुद का प्रकाश नहीं होता|
  • शुक्र ग्रह को पृथ्वी का जुड़वां ग्रह कहा जाता है|
  • मंगल और बृहस्पति ग्रह के बीच में एक प्रकार की पट्टी पाई जाती है, जिसको छुद्र ग्रह कहते है|
  • ध्रुव तारे उत्तर दिशा का ज्ञान देते हैं|
  • पृथ्वी में तीन चौथाई पानी मौजूद है|
  • सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति ग्रह हैं जबकि सबसे छोटा ग्रह बुध ग्रह हैं|

 


Disclaimer: This information is published here from the NCERT book for the education purpose.

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