प्लास्टिक प्रदूषण: किसी भी कक्षा के छात्रों के लिए

प्लास्टिक प्रदूषण: किसी भी कक्षा के छात्रों के लिए

एकल उपयोग प्लास्टिक प्रदूषण को कम करना: युवाओं की भूमिका, नवाचार के माध्यम से एकल उपयोग प्लास्टिक उत्पादों के विकल्प को मुख्यधारा में लाना

प्लास्टिक प्रदूषण: किसी भी कक्षा के छात्रों के लिए 
प्लास्टिक प्रदूषण: किसी भी कक्षा के छात्रों के लिए

प्लास्टिक प्रदूषण: हमारे पर्यावरण को दूषित करने के लिए प्लास्टिक पॉल्यूशन एक गंभीर समस्या बन चुकी है| आज हम प्लास्टिक के जैसी वस्तुओं पर इतने ज्यादा निर्भर हो चुके हैं कि यह हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुकी है| लेकिन प्लास्टिक का जिस तरीके से उपयोग किया जा रहा है इस तरीके से प्लास्टिक हमारे लिए काफी ज्यादा हानिकारक है| एक रिसर्च के अनुसार लगभग 10 लाख समुद्री पक्षी और एक लाख समुद्री जीव प्लास्टिक पोलूशन की वजह से हर साल मर जाते हैं|

In English: Plastic Pollution For Student For any Class

एक रिसर्च के अनुसार यह पाया गया कि यूनाइटेड किंगडम में हर साल 2 मिलियन टर्न्स प्लास्टिक पैकेजिंग उपयोग किया जाता है| आज हम जितनी तेजी से प्लास्टिक का उपयोग कर रहे हैं हम अपने पर्यावरण को उतनी ही तेजी से गंदा कर रहे हैं| लेकिन ऐसे बहुत सारे तरीके हैं जिनको अपनाकर हम प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण को जल्द ही खत्म कर सकते हैं| हर साल कई मिलियंस प्लास्टिक के ढेर हर जगह पाए जाते हैं| और इनसे दिन पर दिन एक पहाड़ जैसा बन जा रहा|

इतना ही नहीं इन प्लास्टिक को जब समुद्र में फेंका जाता है या समुद्र में किसी तरीके से चले जाते हैं| समुद्र के पानी प्रदूषण भी हो जाता है| यानी कि प्लास्टिक प्रदूषण से वायु प्रदूषण तो होता ही है साथ ही वाटर पोलूशन भी हो जाता है| जिस कारण समुद्र में रहने वाले जीवो ना चाहते हुए भी प्लास्टिक को निगल लेते हैं| और यह उनके मौत का कारण बनता है| जितनी तेजी से हम प्लास्टिक का उपयोग कर रहे हैं उतनी तेजी से ही यह वातावरण प्रदूषित कर रहा है|

रिसर्च पर आधारित तथ्य|

एक रिसर्च के अनुसार यह पाएगा कि हर साल समुद्र में रहने वाले लगभग एक लाख समुद्री जीव और 1000000 पक्षी पानी प्रदूषण के कारण मर जाते हैं जिनका मुख्य कारण प्लास्टिक का पानी में फेंका जाना है||| अब तक लगभग समुद्र का 87% ऊपरी सतह प्लास्टिक की वजह से प्रदूषित हो चुका है|

एक शोधकर्ता ने यह बताया कि हमारे समुद्र मैं लगभग हर साल 8 से 14 मिलियन टन प्लास्टिक का कचरा हर साल फेंका जाता है| जिसकी मात्रा आने वाले समय में ज्यादा होने वाली है|

दुनिया में एक शोध किया गया जिसके माध्यम से यह पता लगाया गया कि किस देश में सबसे ज्यादा प्लास्टिक पोलूशन होता है| तो उसमें नंबर वन पर चाइना आया| यानी कि प्लास्टिक पोलूशन बनाने में दुनिया में नंबर वन स्थान चीन को प्राप्त है| चीन एक ऐसा देश है जो दुनिया में सबसे ज्यादा प्लास्टिक प्रदूषण फैलाता है| वही चाइना के बाद इंडोनेशिया फिलीपींस वियतनाम श्रीलंका थाईलैंड इजिप्ट मलेशिया नाइजीरिया बांग्लादेश साउथ अफ्रीका इंडिया आदि है|

प्लास्टिक का वातावरण पर प्रभाव|

अधिक मात्रा में प्लास्टिक का उपयोग करने से वातावरण जल्द ही प्रदूषित हो रहा है| और यह मानव के लिए ही नहीं बल्कि आने वाली सभी पीढ़ी के लिए और अन्य जीव-जंतु के लिए भी खतरनाक साबित हो रहा है| लोग प्लास्टिक को जला देते हैं जिसकी वजह से वातावरण में वायु प्रदूषण काफी तेजी से खेल रहा है| यदि हम इसे खुले में छोड़ देते हैं तो कुछ जीव जंतु इसको खा लेते हैं| जो कि एक बीमारी का कारण बनते हैं| अधिक मात्रा में प्लास्टिक को जमीन पर डालने से जमीन उपजाऊ खत्म हो जाती है|

प्लास्टिक का समुद्र में प्रभाव|

लोग ज्यादातर प्लास्टिक हो समुद्र जैसे इलाकों में फेंक देते हैं जिसकी वजह से समुद्री पक्षी और समुद्री जीव पर इसका बहुत ज्यादा गहरा असर पड़ रहा है| जैसा कि ऊपर बताया गया है एक रिसर्च के अनुसार यह पाया गया की कई लाख समुद्री जीव और समुद्री पक्षी प्लास्टिक की वजह से मौत हो जाते हैं| यदि इसको ठीक नहीं किया गया तो आने वाले टाइम पर यह पृथ्वी के लिए एक बहुत ही खतरनाक साबित होगा|

प्लास्टिक प्रदूषण का जानवरों पर प्रभाव|

प्लास्टिक का ज्यादा उपयोग करने से जानवर पर भी बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है| आमतौर पर पालतू जानवर या वह जानवर जो गलियों या सड़कों पर ऐसे ही घूमते रहते हैं| भूख की वजह से वह पन्ने को चबाके सीधे ही निकल लेते हैं| और पन्नी इतनी जल्दी से पेट में डाइजेस्ट नहीं होता जिसकी वजह से यह जानवरों में एक प्रकार की बीमारी उत्पन्न करता है| बीमारी की वजह से जानवरों की मृत्यु हो जाती है|

प्लास्टिक प्रदूषण का मानव पर प्रभाव|

पहली बात तो हमें यह समझना है कि प्लास्टिक की वजह से जीव चक्र बिगड़ जाता है| क्योंकि मानव भी जीव चक्र का ही हिस्सा है इसलिए मानव को भी इससे काफी ज्यादा नुकसान सहना पड़ता है| प्लास्टिक में आग लगने की वजह से वायु प्रदूषण होता है जो मानव को सांस से संबंधित बीमारियां उत्पन्न करती है| क्योंकि यदि इसे समुद्र में अपने को जो समुद्र में खतरा बनता है और यदि जमीन पर देखो तो भूमि उपजाऊ पर खत्म हो जाती है| यह दोनों ही प्रकार से मानव के लिए हानि का एक बहुत बड़ा कारक है|

प्लास्टिक प्रदूषण के रोकथाम|

इसके लिए हमें प्लास्टिक की मात्रा को कम से कम उपयोग करना होगा| जहां संभव हो प्लास्टिक का उपयोग वहां नहीं करना चाहिए| प्लास्टिक के स्थान पर ज्यादा से ज्यादा उन वस्तुओं का उपयोग करना चाहिए जिनका जैविक तरीके से अपघटन हो सकता है| प्लास्टिक को फेंकने की बजाय उसका रीसायकल करना चाहिए यानी कि उनका पुनर्चक्रण करना चाहिए| प्लास्टिक को खुले में नहीं फेंकना चाहिए क्योंकि खुले में फेंकने से जानवर उसे खा सकते हैं|

प्लास्टिक को जलाना भी नहीं चाहिए क्योंकि जलाने से वायु प्रदूषित होता है| प्लास्टिक को ज्यादा से ज्यादा हो सके ऐसे इलाकों पर नहीं देखना चाहिए जहां नदी या समुद्र हो| इसके लिए सरकार द्वारा एक व्यवस्थित तरीके से बंजर भूमि ढूंढने चाहिए ताकि उपजाऊ भूमि को कोई खतरा ना हो| इन सभी को ध्यान में रखकर ही प्लास्टिक का उपयोग करना चाहिए| क्योंकि प्लास्टिक हमारे सतत पोषणीय विकास में बाधा डालती है इसलिए इसका कम से कम ही उपयोग करना चाहिए|


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