दीपावली पर बम पटाखे फोड़ने पर बैन क्यों

दीपावली पर बम पटाखे फोड़ने पर बैन क्यों

दीपावली पर बम पटाखे फोड़ने पर बैन क्यों लगाए गए हैं| क्या दीपावली पर बम पटाखे फोड़ने से पूरे वातावरण में प्रदूषण फैलता है| यह एक ऐसा टॉपिक है जिसके ऊपर एक बहुत बड़ी बहस हो सकती है| लेकिन सुप्रीम कोर्ट के अनुसार दीपावली के दिन बम पटाखे फोड़ना सही नहीं है|

दीपावली पर बम पटाखे फोड़ने पर बैन क्यों
दीपावली पर बम पटाखे फोड़ने पर बैन क्यों

लेकिन लोगों के पास फिर भी बहुत प्रकार के सवाल हैं जैसे क्या दीपावली के दिन ही बम पटाखे फोड़ने पर पाबंदी हैं| या कभी भी बम पटाखे नहीं छोड़ना चाहिए| क्या दीपावली के दिन हमेशा सही बम फोड़ते चले आ रहे हैं| इन सभी बातों को आजम विस्तार से जानेंगे|

दीपावली हिंदुओं का सबसे पवित्र त्योहारों में से एक माना जाता है यह भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है| दीपावली को सिर्फ हिंदू ही नहीं बल्कि अन्य धर्म के लोग भी मनाते हैं जिनमें सिख धर्म जैन धर्म बौद्ध धर्म के लोग शामिल हैं|

भारत में दीपावली को मनाए जाने के पीछे कई कई मान्यताएं शामिल है| जग में सबसे प्रमुख मान्यता है कि इस दिन भगवान श्री राम अपने 14 वर्ष का वनवास पूरा करके रावण का संघार करके अयोध्या वापस लौटे थे| लेकिन जिस दिन से राम जी घर वापस लौटे थे|

उस दिन अमावस्या का दिन था जिस वजह से लोगों ने अपनी खुशी को संबोधित करने के लिए भगवान श्री रामचंद्र के अयोध्या लौटने पर दीप जलाकर उनका स्वागत किया था| जिस वजह से इसका नाम दीपावली त्यौहार पड़ा यह दीपों का त्यौहार है|

अन्य धर्मों में दीपावली का महत्व

दीपावली का हिंदू धर्म में बहुत बड़ा महत्व है| दीपावली से जुड़ी बहुत सारी कहानियां प्रचलित है जो सभी कहानी दीपावली मनाने को प्रोत्साहित करती हैं| यदि हम महाभारत के अनुसार देखें तो पाएंगे कि जा पांचो पांडव अपने 12 वर्ष का वनवास पूरा करके और 1 बरस का अज्ञातवास पूरा करके वापस लौटे थे तो उस दिन खुशी मनाने के लिए दीपों से उनका स्वागत किया था

यदि हम भारत के मथुरा शहर में देखें तो पाएंगे कि वहां पर दीपावली भगवान श्री कृष्ण की याद में मनाई जाती हैं

भारत के कुछ हिस्से में दीपावली माता काली पूजा के रूप में मनाई जाती है

जबकि भारत के दक्षिणी इलाके में भगवान कृष्ण ने एक राक्षस का वध किया था जिसकी वजह से वहां पर दीपावली मनाई जाती है

हालांकि सब का प्रतीक अलग अलग हो सकता है लेकिन दीपावली मनाने के पीछे जो कहानियां हैं वह कहीं ना कहीं सभी की जुड़ी हुई है

अगर हम सिख धर्म की बात करें तो वह भी दिवाली को मनाते हैं लेकिन उनको मनाने के पीछे का कारण| सिख धर्म के अनुसार इस दिन गुरु गोविंद सिंह जहांगीर को हराकर स्वर्ण मंदिर वापस लौटे थे

तो वही तरफ यदि हम जैन धर्म के अनुयाई की बात करें तो वहां पर महावीर की याद में दीपावली मनाई जाती है

भारत का एक पड़ोसी देश जो अब भारत का एक राज्य बन चुका है उसका नाम है सिक्किम| यहां पर भी दीपावली भारत की तरह ही मनाई जाती है|

नेपाल में भी कुछ लोग दीपावली की तरह एक त्यौहार मनाते हैं जो कि कुछ अलग तरीके से होती है|

लेकिन अब सवाल यह उठता है क्या दीपावली के दिन बम फोड़ना चाहिए या नहीं फोड़ना चाहिए|

इतिहास के पन्नों को पलट कर देखा जाए तो पाएंगे कि भारत में बम फोड़ने की यह परंपरा नहीं थी| बम फोड़ने की परंपरा तो चीन से भारत में आई थी| 2014 तक भारत भी चाइना से ही बम पटाखे खरीदा करता था| क्योंकि चाइना के बम पटाखे भारत को सबसे पढ़ते थे जिस वजह से भारत में बम पटाखे आया क्या जाते थे|

और लोग इस बम पटाखे को जलाकर दीपावली मनाएं करते थे| हालांकि दीपावली के दिन ऐसा कुछ नहीं है कि हम किसी भी प्रकार का कोई प्रदूषण फैलाएं| यह एक खुशी खिलाने का पवित्र त्यौहार है जिस दिन लोग दीप जलाकर लोगों को मिठाई खिलाते हैं| दीपावली एक ऐसा त्यौहार है जिस दिन रिश्तेदारों को पड़ोसियों को खुश किया जाता है| मालिक अपने यहां काम करने वाले सभी लोगों को बोनस देते हैं|

क्या दीपावली के दिन ही बम फोड़ा जाता है|

अब जो दीपावली के दिन थे वह कुछ सवाल पूछ रहे हैं| वे लोग पूछना चाहते हैं कि क्या दीपावली के दिन ही बम फोड़ने से प्रदूषण होता है| दिल्ली के अंदर जो प्रदूषण हुआ है क्या उसके पीछे दीपावली के दिन फोड़े गए बम ही जिम्मेदार हैं| इस पर उनके पास कहने के लिए कुछ सबूत भी है| वे अपने कुछ मत इस प्रकार देते हैं|

यदि सुप्रीम कोर्ट ने भारत में बम फोड़ने पर मना ही कर रखी है| मतलब सुप्रीम कोर्ट ने भारत में बम फोड़ने पर पाबंदी लगा रखी है|

तो क्रिसमस पर क्रिसमस ट्री के काटने पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया जाता|

या फिर इस्लाम धर्म में जो मुसलमान बकरे को काटते हैं उन्हें बंद क्यों नहीं करते काटना|

प्रदूषण के मामले में वे सवाल पूछते हैं दिल्ली में तो वैसे ही प्रदूषण देता है तो सिर्फ पटाखे पर ही बैन क्यों लगाया गया|

यदि दीपावली के दिन पटाखे फोड़ने पर वातावरण में वायु प्रदूषण होता है| तो मस्जिद में से लाउडस्पीकर क्यों नहीं बैन किया जाता उससे तो साउंड पॉल्यूशन होता है|

यह सही नहीं है यह एक धर्म के साथ पक्षपात किया जा रहा है और सारा का सारा कानून सिर्फ और सिर्फ एक समुदाय को ध्यान में रखकर ही बनाया जा रहा है|

लेकिन अब समस्या यह है कि पटाखे फोड़ना सही है या गलत| यदि पटाखे फोड़ना गलत है तो सभी गलत चीज पर कानून क्यों नहीं बनाए जाते| और यदि पटाखे फोड़ना सही है पर ही कानून क्यों बनाया गया| हालांकि यह एक बहस का टॉपिक है| इस पर जितना बहस करोगे यह उतना ही बढ़ेगा|

मैं आपसे पूछता हूं कि इसमें आपकी क्या राय है कमेंट सेक्शन में बताना बिल्कुल ना भूलें| और यदि आप चाहते हो कि इस को आगे बढ़ाना चाहिए तो आप अपने फ्रेंड के साथ अपने फैमिली के साथ इस को सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें|


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